January 12, 2026

Author - The Churn

Episode 3 – लोक और समाज में सीता

भारत के इतिहास में राम के चरित्र को जिस तरह सार्वभौमिक रूप से अंगीकार किया गया उस रूप में सीता कहीं नेपथ्य में पायी जाती हैं। कालांतर में अब जब सीता को लेकर साहित्य और कला के क्षेत्र में विमर्श प्रारम्भ हुआ तब भी जानकी, वैदेही, जनकनंदिनी, सीताराम, रामप्यारी, रामप्रिया; और आगे चलने पर सियाराम, सीताराम आदि सम्बोधनों से ही सीता को अपनाने या उन्हें सम्मान का दर्ज़ा देने वाली बात है। सीता को सीता के रूप में - जैसी हैं, जो हैं, बिना किसी और के साथ सम्बंध के बिना जिस स्वरूप में हैं - उस रूप में रहने देना और होने देना आज एक बड़े...